Archive for जनवरी, 2011

जनवरी 31, 2011

परग्रही सभ्यता से संपर्क :परग्रही जीवन श्रंखला भाग ३


सेटी@होम स्क्रीन सेवर

सेटी@होम स्क्रीन सेवर

यदि पृथ्वी के बाहर जीवन है, तो उसकी खोज कैसे हो ? उसके साथ संपर्क कैसे हो ? एक उपाय अंतरिक्षयान के द्वारा विभिन्न ग्रहो की यात्रा का है । लेकिन वर्तमान मे हमारे अंतरिक्ष यान इतने सक्षम नही है कि अपने सौर मंडल से बाहर जा कर जीवन की खोज कर सके।

दूसरा उपाय संचार माध्यमो का है जैसे रेडीयो तरंगे। पृथ्वी के बाहर यदि कोई बुद्धिमान सभ्यता निवास करती है और विज्ञान मे मानव सभ्यता से ज्यादा विकसित या मानव सभ्यता के तुल्य विकसित है तब वह संचार माध्यमो के लिये रेडीयो तरंगो का प्रयोग अवश्य करती होगी। इसी धारणा को लेकर पृथ्वी से बाहर सभ्यता की खोज प्रारंभ हुयी है।

जनवरी 24, 2011

पृथ्वी के बाहर जीवन की वैज्ञानिक खोज : परग्रही जीवन श्रंखला भाग २


अंतरिक्ष मे जीवन की खोज करने वाले विज्ञानीयो के अनुसार अंतरिक्ष मे जीवन के बारे मे कुछ भी निश्चित कह पाना कठीन है। हम ज्ञात भौतिकी, रसायन शास्त्र और जीव विज्ञान के नियमो के अनुसार कुछ अनुमान ही लगा सकते है।

अंतरिक्ष मे जीवन की खोज से पहले यह सुनिश्चित कर लेना आवश्यक है कि किसी ग्रह पर जीवन के लिये मूलभूत आवश्यकता क्या है? पृथ्वी पर जीवन और जीवन के विकास के अध्यन तथा ज्ञात भौतिकी, रसायन शास्त्र और जीव विज्ञान के नियमो के अनुसार अंतरिक्ष मे जीवन के लिये जो आवश्यक है उनमे से प्रमुख है:

  • द्रव जल,
  • कार्बन और
  • DNA जैसे स्वयं की प्रतिकृति बनाने वाले अणु।
    read more »

जनवरी 18, 2011

क्या बाह्य अंतरिक्ष मे जीवन है ? :परग्रही जीवन श्रंखला भाग 1


क्या बाह्य अंतरिक्ष मे जीवन है ?

महान विचारक गीआर्दनो ब्रुनो

महान विचारक गीआर्दनो ब्रुनो

आज से पांच सौ वर्ष ईसवी सन 1600 मे पहले एक विचारक, गणितज्ञ और खगोलशास्त्री ने यह प्रश्न पूछा था। इस प्रश्न का उत्तर तो उस विचारक को नही मीला, उसे रोम की सड़को पर जिन्दा जला दिया गया था। इतना ही नही उसे जिन्दा जलाने से पहले उसे अपमानित करने के लिये सड़क के किनारे खम्बे पर नग्न कर उल्टा लटकाया गया था।  कोपरनिकस की तरह वह भी मानता था कि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है। वह यह भी मानता था कि बाह्य अंतरिक्ष मे हमारे जैसे अनगिनत प्राणी निवास करते है। अंतरिक्ष मे अनगिनत संतो, करोड़ो पोप, अरबो चर्चो और एकाधिक जीसस की संभावनाओ को समाप्त करने का चर्च के पास सबसे आसान उपाय था, उस विचारक को जिन्दा जला देना।

जनवरी 11, 2011

सौर मंडल के बाहर पहले ’ठोस’ ग्रह की खोज !


केप्लर १०बी(चित्रकार की कल्पना)

केप्लर १०बी(चित्रकार की कल्पना)

खगोल विज्ञानीयो ने सौर मंडल के बाहर पहला ग्रह खोज निकाला है जो गैस महाकाय(Gas Giant) नही है। अभी तक सौर मंडल के बाहर खोजे गये सभी ग्रह बृहस्पति या शनि के जैसे गैसो के महाकाय पिंड थे। यह नया खोजा गया ग्रह अत्याधिक घनत्व का, चट्टान और धातु का पृथ्वी से थोड़ा ही बड़ा ग्रह है।
इस ग्रह को केप्लर १० बी नाम दिया गया है और यह केप्लर १० तारे की परिक्रमा कर रहा है। इसे पृथ्वी की परिक्रमा करती हुयी ‘केप्लर दूरबीन’ द्वारा खोजा गया है। केप्लर १० तारे का द्रव्यमान और तापमान सूर्य के जैसा है और हमसे ५०० प्रकाशवर्ष दूर है।