Posts tagged ‘क्वार्क’

अप्रैल 16, 2012

सरल क्वांटम भौतिकी: भौतिकी के अनसुलझे रहस्य

by आशीष श्रीवास्तव

अब तक हमने सभी मूलभूत कणो और मूलभूत बलों की जानकारी प्राप्त की है। क्या इसका अर्थ है कि इसके आगे जानने के लिये कुछ भी शेष नही है ?

नही! हमारी वर्तमान भौतिकी अधूरी है, हमारे पास ऐसे बहुत से प्रश्न है, जिसका कोई उत्तर नही है। हमारा सबसे सफल सिद्धांत ’स्टैंडर्ड माडेल’ अपूर्ण है, इसके विस्तार की आवश्यकता है।

स्टैन्डर्ड माडेल से आगे

स्टैन्डर्ड माडेल “पदार्थ की संरचना और उसके स्थायित्व” के अधिकतर प्रश्नो का उत्तर छः तरह के क्वार्क , छः तरह के लेप्टान और चार मूलभूत बलो से दे देता है। लेकिन स्टैडर्ड माडेल सम्पूर्ण नही है, इसके विस्तार की संभावनायें है। वर्तमान मे स्टैण्डर्ड माडेल के पास सभी प्रश्नो का उत्तर नही है, इसके समक्ष बहुत से अनसुलझे प्रश्न है।

  • जब हम ब्रह्माण्ड का निरीक्षण करते है तब हम पदार्थ ही दिखायी देता है, प्रतिपदार्थ नही। क्या पदार्थ और प्रतिपदार्थ की मात्रा समान नही है, क्यों ? क्या इन दोनो  के मध्य सममीती नही है? क्यों ?

    प्रति-पदार्थ ?

    प्रति-पदार्थ ?

  • श्याम पदार्थ(dark matter) क्या है? उसे हम देख नही सकते है लेकिन उसके गुरुत्वाकर्षण प्रभाव को देख सकते है,  ऐसा क्यों  ?
  • स्टैन्डर्ड माडेल किसी कण के द्रव्यमान की गणना करने मे असमर्थ क्यों है?
  • क्या क्वार्क और लेप्टान मूलभूत कण है ? या वे भी और छोटे घटक कणो से बने है ?
  • क्वार्क और लेप्टान की ठीक ठीक तीन पीढ़ी क्यों है ? चार या दो क्यों नही ?
  • इन सब के मध्य गुरुत्वाकर्षण की क्या भूमिका है ?

मार्च 5, 2012

सरल क्वांटम भौतिकी: परमाणु को कौन बांधे रखता है?

by आशीष श्रीवास्तव

हम जानते है कि किसी परमाणु के दो भाग होते है,  प्रोटान और न्यूट्रॉन से बना परमाणु क्रेन्द्रक और उसके चारो ओर इलेक्ट्रान का बादल। परमाणु केन्द्र प्रोटानो के फलस्वरूप धनात्मक आवेशित होता है और विद्युत-चुंबकीय बलो के फलस्वरूप इलेक्ट्रान उसके चारो ओर परिक्रमा करते रहते है।

अब हमारे पास एक और समस्या है, परमाणु केन्द्र को कौन बांधे रखता है?

यदि आपने इस श्रृंखला के प्रारंभिक लेख नही पढ़े है, तो आगे बढ़ने से पहले उन्हे पढ़ें।

  1. मूलभूत क्या है ?
  2. ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 1?
  3. ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 2?
  4. ब्रह्माण्ड को कौन बांधे रखता है ?

परमाणु केन्द्र को कौन बांधे रखता है?

परमाणु केण्द्रक

परमाणु केण्द्रक

परमाणु केन्द्र बिखरता क्यों नही ?

परमाणु केन्द्र बिखरता क्यों नही ?

परमाणु का केन्द्र प्रोटान और न्यूट्रॉन के समूहों की एक घनी गेंद जैसे होता है। न्यूट्रॉन में आवेश नहीं होता है तथा धनात्मक प्रोटान एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, परमाणु केन्द्रक बिखरता क्यों नहीं है?

स्पष्ट है कि विद्युत-चुंबक बल परमाणु केन्द्रक को बांधे नही रख सकता है। तब दूसरा कौन सा बल हो सकता है ?

गुरुत्वाकर्षण ? ना जी ना! गुरुत्वाकर्षण बल इतना कमजोर है कि विद्युत चुंबक बल पर भारी हो कर परमाणु केन्द्रक को बांधे नहीं रख सकता है।

तब परमाणु केन्द्रक को बांधे कौन रखता है ?

फ़रवरी 6, 2012

सरल क्वांटम भौतिकी: मूलभूत क्या है ?

by आशीष श्रीवास्तव

द थिंकर (विचारक)

द थिंकर (विचारक)

 सनातन प्रश्न

सदियों से मानव के मन मे प्रश्न रहा है:

“विश्व किससे निर्मित है?”

“इसे कौन बांधे रखता है?”

clip_image003प्रश्न: इस पुतले का नाम क्या है और इसका शिल्पकार कौन है?

उत्तर :

शिल्पकार: राडीन (Rodin)

 नाम: द थिंकर (The Thinker)

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नवम्बर 9, 2011

स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory) : क्वांटम भौतिकी

by आशीष श्रीवास्तव

श्रोडीन्गर की बिल्ली : जीवित या मृत

श्रोडीन्गर की बिल्ली : जीवित या मृत

न्यूटन से आइंस्टाइन तक आते तक भौतिक विज्ञान विकसित हो चुका था, आशा थी कि निकट भविष्य में वैज्ञानिक भगवान के मन को पढ़ने में सफल हो जायेगे। न्यूटन और आइंस्टाइन के सिद्धांतों से खगोलीय पिंडो तथा प्रकाश के व्यवहार को समझा जा चूका था, मैक्सवेल के समीकरण विद्युत-चुंबकीय व्यवहार की व्याख्या करते थे। लेकिन पदार्थ की संरचना के क्षेत्र में नयी खोजो ने सारी स्थिति बदल दी।

क्वांटम सिद्धांत का इतिहास

1803 मे ब्रिटिश वैज्ञानिक जान डाल्टन ने परमाणु के सिद्धांत को प्रस्तावित किया था। डाल्टन के अनुसार हर तत्व एक विशिष्ट प्रकार के परमाणु से बना होता है और परमाणु मिलकर रासायनिक पदार्थो का निर्माण करते है। एक गणितिय फ्रेंच वैज्ञानिक जीन पेर्रिन ने आइंस्टाइन के सिद्धांत का प्रयोग करते हुए परमाणु का द्रव्यमान और आकार मापा था।

अप्रैल 25, 2011

मानक प्रतिकृति की कमियाँ और आलोचनाएं: ब्रह्माण्ड की संरचना भाग ५

by आशीष श्रीवास्तव

मानक प्रतिकृति(Standard Model) एक सफल सिद्धांत है लेकिन इसमे कुछ कमीयां है। यह कुछ मूलभूत प्रश्नो का उत्तर देने मे असमर्थ है जैसे द्रव्यमान का श्रोत, मजबूत CP समस्या, न्युट्रीनो का दोलन, पदार्थ-प्रतिपदार्थ असममिती और श्याम पदार्थ तथा श्याम उर्जा का श्रोत

एक समस्या मानक प्रतिकृति(Standard Model) के गणितिय समिकरणो मे है जो साधारण सापेक्षतावाद सिद्धांत(Theory of General Relativity) से मेल नही खाती है। ये सिद्धांत (एक या दोनो) कुछ विशेष परिस्थितियों (महाविस्फोट के दौरान(During Big Bang), श्याम विवर के घटना क्षितिज के पास (Event Horizons of Black Hole)) की व्याख्या नही कर पाते है और असामान्य परिणाम दर्शाते है।

अप्रैल 18, 2011

मानक प्रतिकृति: ब्रह्माण्ड की संरचना भाग ४

by आशीष श्रीवास्तव

इस श्रंखला मे अब तक मूलभूत कण तथा मूलभूत बल की चर्चा हुयी है। मानक प्रतिकृति (Standard Model) मूलभूत बल तथा मूलभूत कणों के सम्पूर्ण ज्ञात सिद्धांतो का समावेश करता है। अब तक के लेखो मे वर्णीत महा एकीकृत सिद्धांत(Grand Unified Theory)  मानक प्रतिकृती का ही एक भाग है। यह सिद्धांत २० वी शताब्दी की शुरुवात से लेकर मध्य तक विकसीत हुआ है तथा १९७० मे क्वार्क के आस्तित्व के प्रायोगिक निरीक्षण के पश्चात मान्य हुआ है। इसके पश्चात बाटम क्वार्क (१९७७), टाप क्वार्क(१९९५) तथा टाउ न्युट्रीनो(२०००) की खोज के बाद इस सिद्धांत को प्रामाणिकता मिली है। इस सिद्धांत द्वारा विभिन्न प्रायोगिक निरीक्षणो को सैद्धांतिक रूप से सत्यापन करने मे मिली सफलता के कारण इसे पूर्ण सिद्धांत माना जाता है।